बिहार के इस हाई स्कुल में चलता है प्राइवेट कोचिंग, कमरे में रहते है किरायेदार !

मधुबनी, 01 जुलाई। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के समीप दीन दयाल +2 उच्च विद्यालय, उमगांव में कमरों के अभाव में पढाई बंद है, जिससे छात्रों को काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रखंड मुख्यालय का यह विद्यालय आज अपनें उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। वर्षो से भवन, शिक्षक, लिपिक, आदेशपाल, रात्री प्रहरी, कम्प्यूटर, चापाकल, काॅमन रूम, एंव प्रयोगशाला के अभाव अपने बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है। विद्यालय में नवमी व दशवीं के लगभग 1500 सौ से अधिक छात्र नामांकित है, वहीं +2 के तीनों संकाय में 50 छात्र नांमकित है। लेकिन सिर्फ +2 में दो संकाय के 3 शिक्षक इतिहास,राजनीतिक शस्त्र एंव काॅर्मस के है। साइंस में बिना शिक्षक के ही पढ़ाई हो रही है। विद्यालय के पुराने भवन खंडर में तब्दील हो चुका है और +2 लिए आवंटित राशि से जो भवन बना उसके बाद शिक्षक भाड़े का कमरा छोड़ कर बिना भाड़े के किराएदार के रूप में +2 के लिए बनी बिल्डिंग में शिफ्ट हो गए, अब शिक्षक उसे अपना आवास बना चुके है। जब भी यदा-कदा कक्षाएं चलती भी है तो वर्ग कक्ष के में भेड़-बकड़ी की तरह ठूस कर कमरे से बरामदा तक क्लास लगता है। सरकार के घोषित हाईटेक व्यवस्था बनाने वाले हाई स्कुल का यह हाल है की ससमय स्कूल खोलने में एचएम असक्षम है। यहाँ हाईटेक व्यवस्था के नाम पर ना तो कम्प्यूटर नसीब नहीं हो सका है और ना ही खेल कूद का कोई सामान, स्कुल में कुछ होता है तो सिर्फ नामांकन या परीक्षा।
ग्रामीणों का क्या है कहना
ग्रामीणों कहना है की स्कूल प्रबंधक की मिलीभगत से इलाके के सभी कोचिंग, टूशन पर 11 बजे तक पढ़ाया जाता है। यही नहीं सरकारी स्कूल के क्लास रूम में कोचिंग भी पढ़ाया जाता है, विद्यालय के चारो ओर विद्यालय संरक्षित अतिक्रमणकारियों का कब्जा है लेकिन विद्यालय के प्रधानाध्यापक कुछ नहीं कर रहे है।

क्या कहते है एचएम मिथलेश दास
इस सभी मुद्दों पर एचएम बताते है की स्कुल में शिक्षक ससमय आते है, विद्यालय भी समय पर ही खुलता है और समय से क्लास भी ली जाती है।शिक्षको एंव कमरे के विषय व अन्य समस्याओं पर भी विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा है। साथ ही विद्यालय के चारो ओर अतिक्रमण करने वाले का नाम सीओ कार्यालय में लिखित दिया गया है।

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